धर्म नगरी रतनपुर में सट्टा का अवैध कारोबार, आखिर सरंक्षण किसका

रतनपुर! शहर के युवा गलत प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर हो रहे है। वर्तमान मे शहर मे सट्टा का  अवैध धंधा जोरों पर है। यहीं नही सटटा बाजार के सटोरिये भी शहर मे सक्रिय है जिस कारण लोगो का जीना दूभर हो गया है। लेकिन पूरे शहर को पता होने के बावजूद पुलिस प्रशासन अंजान बना हुआ है। हालात तो यहां तक बिगड गए है कि शहर में  धडल्ले से सटटा लगाया जाता है जिसे लेकर कोई कार्यवाही नही की जाती। लगातार युवा इस लत के कारण बर्बाद हो रहे है और इस अवैध कारोबार की ओर अग्रसर होकर अपना जीवन समाप्त कर रहे है।

धार्मिक व पौराणिक और पर्यटन क्षेत्र के रूप मे विश्व के मानचित्र पर अपना नाम दर्ज करा चुका शहर रतनपुर आज सटटेबाजी के लिए काफी प्रसिद्ध होता जा रहा है। शहर मे सटटेबाजी का खेल लगातार फलफूल रहा है और हजारों युवाओं की जिंदगी को बर्बाद कर रहा है। दिन निकलते ही सटटे के नम्बरों का खेल शुरू हो जाता है और रात होने के बाद तक यह खेल जारी रहता है। सटटे के नम्बरों की भाषा मे उलट पलट का यह खेल निरंतर जारी है।हैरानी की बात तो यह है कि सटटेबाजी का यह खेल पुलिस व स्थानीय प्रशासन की जानकारी मे हो रहा है लेकिन कोई भी इनपर हाथ डालने का प्रयास नही करता। पिछले कई सालों से लगातार बढ रहा यह खेल अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। जैसे जैसे दिन निकलना शुरू होता है वैसे ही सटटे का खेल शुरू हो जाता है। सुबह सुबह ही अनेक युवाओं की जुबान पर उलट पलट का नाम रहता है। नंबरों के इस खेल मे शहर के लोग सुबह से ही जुट जाते है और देर रात तक नंबरो मे ही लगे रहते है।जानकार सूत्रों की माने तो शहर मे धडल्ले से चल रहा सटटे का यह कारोबार रोजाना लाखों रूपयों को पार कर जाता है और इतना सब कुछ पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव प्रतीत नही होता है। लोगो का कहना है कि सटटेबाजी की यह लत शहर के युवाओं मे इस कदर घर कर चुकी है कि उसे काबू करना कठिन हो गया है और इतना सब कुछ पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव प्रतीत नही होता है।

पुलिस के नाक के नीचे  धड़ल्ले से फल फूल रहा

उक्त अवैध सट्टे का  कारोबार थाना रतनपुर पुलिस के नाक के नीचे धड़ल्ले से फल फूल रहा है। सट्टे की खाईवाड़ी लेने वाला व्यक्ति जहां एक दुकान की आड़ में अपने गुर्गो के माध्यम से प्रतिदिन हजारों के बारे-न्यारे करता आ रहा है।
पुलिस की नाक के नीचे होने वाला सट्टा व शराब की अबोध बिक्री  पुलिस की अनभिज्ञता जाहिर करना पुलिस को सवालों के कटघरे में खडे़ करने हेतु काफी है।

संचालक रोज  मना रहे है दिवाली

धार्मिक व पौराणिक नगरी रतनपुर में इस अवैध कार्य के  चलते दर्जनों परिवारों के ऊपर संकट व्याप्त हो रहा है। कई के घर में चूल्हे तक नहीं जल पाते। वहीं सट्टे के संचालक तथा उनके गुर्गो की पौ बारह बनी हुयी है ।

यहाँ हो रहा है रोजाना सट्टा का कारोबार

छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रतनपुर के पुराना बस स्टैंड , किला गेट, हाईस्कूल चौक , काली मंदिर गली में रोजाना सटोरियों के द्वारा भोले भाले नगर वासियो को सट्टा का अवैध खेल खेलाते देखा जा सकता है।

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