फेसबुक से प्यार, शादी का इकरार, फिर मर्डर

कोरबा। मानिकपुर कृष्णा नगर में महिला सुप्रिया उर्फ प्रिया मल्लिक का शव उसके घर के अंदर दीवान में अर्धनग्न हालत में मिली थी। अंधे कत्ल के इस मामले में मानिकपुर चौकी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302, 201 हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का मामला पंजीबद्ध किया था। हत्या के बाद फॉरेंसिक टीम की मदद लेने के अलावा पुलिस की अलग-अलग टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही थी। अंतत: पुलिस ने अंधे कत्ल के इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने महिला के हत्यारे को पुणे महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि मृतका प्रिया मल्लिक पूर्व में अनैतिक कृत्य में शामिल रही है। पूर्व मेंं उसके विरूद्ध कोतवाली में पीटा एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। लिहाजा पुलिस को शुरूआत से ही मामला अवैध संबंध का प्रतीत हो रहा था। पुलिस द्वारा आसपास के लोगों व परिजनों से पूछताछ की गई।

जिसमें पता चला कि प्रिया मल्लिक का एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चला आ रहा था। जिससे शादी करने की बात भी सामने आई थी। युवक पुणे से कोरबा आना जाना करता था। मृतका के घर ही वह रुकता था। उक्त बिंदुओं पर पुलिस द्वारा विवेचना आगे बढ़ाई गई। साईबर सेल द्वारा मोबाइल के रिकॉर्ड खंगाले गए। कॉल डिटेल में पता चला कि पुणे महाराष्ट्र के ग्राम वासुलीफाटा रानू शुक्ला दास उर्फ संदीप दास से महिला का संबंध था। उनके बीच गत माह फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई थी। फेसबुक से मोबाइल नंबर आदान प्रदान कर बातचीत शुरू हुई थी। बात इतनी आगे बढ़ी कि दोनों शादी तक पहुंच गए। मृतका द्वारा आरोपी संदीप दास को कोरबा बुलाकर उस पर शादी का दबाव बनाया गया। जिस पर आरोपी कोरबा आकर शादी करने व काम धंधा कोरबा में ढंूढने राजी हो गया। 20 जनवरी को वह मृतका के साथ उसके घर कृष्णा नगर में रूका। अगले दिन 21 जनवरी को एक स्थानीय व्यक्ति के साथ काम ढंूढने घंटाघर चौपाटी गया हुआ था। आरोपी के रहने के दौरान ही मृतका के घर पर कई युवकों का आना जाना चल रहा था। प्रिया मल्लिक भी लगातार लड़कों से अपने मोबाइल पर बात करती रहती थी। संदीप को यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने उसे समझाईश दी। इसी बीच दोनों के बीच वाद विवाद बढ़ गया। विवाद बढऩे पर आरोपी ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और प्रिया की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसकी लाश दीवान के भीतर छिपा दिया। आरोपी 23 जनवरी की सुबह दस बजे घर को बाहर से बंद कर पुणे जाने निकल गया। बस से चांपा पहुंचा। कोई टे्रन नहीं मिलने पर चांपा के श्रीगणेश होटल में रूका। अगले दिन 24 जनवरी को वह टे्रन पकड़कर वह पुणे रवाना हो गया। पुलिस ने इस वारदात को सफलता पूर्वक सुलझा लिया है।

हत्या के बाद मोबाइल, गहने लेकर हो गया चंपत

आरोपी द्वारा हत्या की वारदात के बाद मृतका के मोबाइल, घर में रखे सोने चांदी के जेवर, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, एक्टिवा की आरसी बुक ले लिया गया था। जिसे लेेने के बाद वह चंपत हो गया था। आरोपी से पुलिस ने उक्त सामानों को बरामद किया है। आरोपी को कोरबा न्यायालय में पेश कर एक दिन के लिए पुलिस रिमांड में पूछताछ एवं शिनाख्त की कार्रवाई हेतु लिया गया है।

टीम होगी पुरूस्कृत

मामले को सुलझाने में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मागदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश बढ़ई, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के निर्देशन में मानिकपुर चौकी प्रभारी राजेश चंद्रवंशी, साइबर सेल प्रभारी दुर्गेश राठौर, प्रधान आरक्षक चक्रधर राठौर, आरक्षक गुना राम सिन्हा, आलोक टोप्पो, डेमन ओगरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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