पुर्व सरकार ने क्यों अटकाया है सिम्स के स्थान परिवर्तन के फाइल

बिलासपुर। मेडिकल कालेज के सन्दर्भ में हाल ही में छग के स्वास्थ मंत्री ने यह ब्यान दिया कि अब वह समय आ गया है जब यह तय करना पड़ेगा कि मेडिकल कालेज चलाना है या नही असल में इस ब्यान के कई माईने है सिम्स प्रबन्धन पिछली सरकार को दो वर्ष पुर्व ही इस आशय का प्रस्ताव दे चुका है कि अब सिम्स वर्तमान परिसर में नहीं चलाया जा सकता और इसके लिए जो नई भूमि आवंटित हुई है उस पर निर्माण कराया जाए और उस समय के मंत्री इस महत्वपूर्ण फाइल को लेकर चुप-चाप बैठे रहे यही सिम्स कि असली समस्य है सीधे शब्दों में मेडिकल कालेज का प्रबंधन सिम्स कि समस्य नही सिम्स कि समस्या उसके मालिक है जो लोग इस मेडिकल कालेज के इतिहास से परिचित है वे जानते है कि सिम्स का जन्म सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय कि हत्या से हुआ है और इस हत्या का परिणाम तो हम सबको मिलकर भोगना है भारतीय चिकित्सा परिषद के नोर्म्स को देखे तो 5 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल कालेज का संचालन होना ही नही चाहिय।

जिला चिकित्सालय बिलासपुर के पास तो इससे भी कम भूमि थी और इस परिसर में हॉस्पिटल के साथ चिकित्सको के आवास तथा कर्मचारी आवास भी थे उस वक्त जब म.प्र और छ.ग के बीच बटवारे कि संध्या शुरू हो गई थी तभी गुरुघासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति आर.के.सिंह को यह जिम्मेदारी मिली कि बिलासपुर जिले में छ.ग राज्य का दूसरा मेडिकल कालेज खुलना है और इसका मालिक विश्वविद्यालय ही होगा तब शर्तो को पूरा करने जिला हॉस्पिटल का विलय मेडिकल कालेज में किया गया यही से सिम्स कि निव रखी गई बाद में विश्वविधालय ने स्वयं हाथ खड़े कर दिए।
तब मेडिकल कालेज के ऑटोनोमस होने का विकल्प आया किन्तु बात पुरी नही हुई और राज्य सरकार ने इसके संचालन कि जिम्मेदारी ली मेडिकल कालेज बिलासपुर क्षेत्र ही नही आस पास के सामान्य नागरिको का अंतिम विकल्प है यहा मृत्यु प्रतिशत इस बात को लेकर नही आँका जा सकता के कितने मरीजो कि कब कब मृत्यु हो गई स्वास्थ का क्षेत्र जहाँ डाक्टर को भगवान माना जाता है वहां यहा भी कटु सत्य है कि किसी भी निजी चिकित्सा संस्थान में अपने मरीज कि मृत्यु अपने मरीज कि नही होने देना चाहता और जब चिकित्सक को यह लगता है कि अब मरीज मरेगा ही तब वह उसे अथवा मरीज के परिजनों को सिम्स जाने कि सलाह देता है क्योकि सिम्स सरकारी हॉस्पिटल है अत: यहा प्रबंधन यह कह कर पीछे नही हट सकता कि हमारे पास व्यवस्था नही है यह तो सिम्स के मालिक कि ड्यूटी है कि वह अपने मेडिकल कालेज को अधिक से अधिक आधुनिक और एम्.आई.सी के नोर्म्स के अनुसार रखे।

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