बिल्हा विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस के दावेदारों का अजा वर्ग के नेताओं ने बिगाड़ा गणित… समाज से प्रत्याशी बनाने की मांग… कहा- 60 हजार वोटर हैं, किसी और की जरूरत नहीं पड़ेगी…

बिलासपुर। अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं ने बिल्हा विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों का गणित बिगाड़ दिया है। उन्होंने टिकट वितरण करने वाले नेताओं को चिंता में डाल दिया है। उनका कहना है कि बिल्हा विधानसभा में अजा वर्ग से करीब 60 हजार वोटर हैं। समाज से किसी को टिकट दिया जाता है तो उन्हें वे जिताकर दिखाएंगे। छत्तीसगढ़ प्रदेश में नवंबर-दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ता पक्ष भाजपा संगठन टिकट वितरण करने से पहले सभी विधानसभाओं में दावेदारों का सर्वे करा रहा है। इसके अलावा विधानसभा प्रभारियों से अलग से रिपोर्ट मंगा ली है। दूसरी ओर विपक्षी कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत ब्लॉक स्तर, जिला स्तर पर दावेदारों से रायशुमारी की गई। पदाधिकारियों से भी चर्चा की गई। बीते दिनों कांग्रेस ने बिलासपुर के कांग्रेस भवन में जिला स्तरीय रायशुमारी की थी। इसमें बिलासपुर जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के दावेदारों, ब्लॉक अध्यक्षों और पदाधिकारियों को बुलाया गया था। रायशुमारी करने के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य व राष्ट्रीय सचिव डॉ. चंदन यादव और रोहित चौधरी आए थे। इसी दिन बिल्हा विधानसभा से अजा वर्ग के दर्जनभर नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने एक पत्र भी सौंपा था, जिसमें बताया गया है कि बिल्हा विधानसभा में करीब 60 हजार अजा वर्ग के वोटर हैं। इसमें सतनामी समाज से ज्यादा वोटर हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि समाज से यदि किसी को प्रत्याशी बनाया जाता है तो इतने वोट चुनाव जीतने के लिए काफी है। बताया जा रहा है कि अजा नेताओं ने राष्ट्रीय सचिव डॉ. यादव से सीधे कहा कि यदि समाज से उम्मीदवार नहीं बनाया जाता है तो वे निर्दलीय उम्मीदवार उतारेंगे। अजा नेताओं की पेशकश के बारे में बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के दावेदारों को पता चल गया है। अब वे अजा वर्ग के नेताओं को साधने की जुगत भिड़ा रहे हैं। दरअसल, यदि सही में अजा समाज से निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव में उतर गए और उन्हें सामाजिक वोटर मिल गया तो चुनाव परिणाम काफी हद तक प्रभावित होगा। इस बात की जानकारी दावेदारों से लेकर संगठन के बड़े नेताओं को भी है। अलबत्ता, वे इस बारे में कुछ कह नहीं पा रहे हैं।

जरहाभाठा में हुई थी बैठक

बीते दिनों जरहाभाठा में अजा वर्ग के नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें भाजपा-कांग्रेस से ताल्लुक रखने वाले नेता भी शामिल हुए। बैठक में सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। मुख्य मुद्दा समाज से प्रत्याशी की मांग को लेकर रणनीति बनाना था। नेताओं का कहना था कि सबसे ज्यादा वोटर होने के बाद भी अब तक बिल्हा विधानसभा से समाज से प्रत्याशी नहीं उतारा गया है। यह उनकी उपेक्षा है। इस बार वे उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में तय किया गया कि यदि कोई भी पार्टी अजा समाज से प्रत्याशी बनाता है तो सभी मिलजुलकर उन्हें जिताएंगे। वे किसी पार्टी के लिए काम करने के बजाय अपने समाज के लिए काम करेंगे।

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